Shaayar Kuldip

सपनों में भी आती है

Posted By on November 30, 2017 in Romantic | 0 comments

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सपनों में भी आती है

नजरें झुका कर जुल्फ को वो जब छटकाती हैं
किसी का दिल निकलता है किसी की जान जाती है

जरा कष्ती बचा लेना मुहब्बत के समन्दर में
लहर कब षांत रहती है, कभी तूफां भी लाती है

पैमाना तोड़ दो यारो मयखाना छोड़ दो यारो
अदा से चोट करती है वो नजरों से पिलाती है

रातों की विरानी में जरा ऐ जागने वालो
आँखें बंद कर लेना वो सपनों में भी आती है

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