Shaayar Kuldip

मेहमां बनाए बैठे हैं

Posted By on November 30, 2017 in Shikwa | 0 comments

Spread the love

मेहमां बनाए बैठे हैं

कैसे करें सलाम वह नज़रें झुकाए बैठे हैं
लाख तूफान आएँ हम दिया जलाए बैठे हैं

खामोष नज़रों का क्या गिला करें
वह तो अपने आप को मेहमां बनाए बैठे हैं

दिल को खबर है होंठों पर बात लाते नहीं
इतनी सी बात को तूफां बनाए बैठे हैं

हर पल उनकी यादों के मौसम में रहते हैं
पतझड़ को भी हम सावन बनाए बैठे हैं

गुलाम साँसों का या पुतला क्या करें
तेरे लिए आ सुन! खुद को रुलाए बैठे हैं

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *