Shaayar Kuldip

मेरी राहों म

Posted By on November 30, 2017 in Tere Liye | 0 comments

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मेरी राहों म

जिन्दगी जो गुज़री तेरी बाहों में
फिर आने को तरसे तेरी पनाहों में

लौट आऐंगे तेरी बस्ती में जो हम
मस्ती छा जायेगी फिर फिजाओं में

रख लेना मुझे ज़हन में जिंदा
चाहे रखना ना तुम निगाहों में

इस कदर ज़िन्दगी भी रुसवा हुई
हर तरफ काँटे है मेरी राहों में

प्यार करना और दर्द भी सहना
इस कदर षामिल हैं हम गुनाहों में

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