Shaayar Kuldip

फूल खिलाओ तो सही

Posted By on November 30, 2017 in Social | 0 comments

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फूल खिलाओ तो सही

दिवाली है दिलों में दीए जलाओ तो सही
सभ मिलके इस फिज़ा को रुषनाओ तो सही

कुछ तुम जलो कुछ हम भी जलें
जलते जलते यूंही मुस्कराओ तो सही

नफ़रत के काटों को ज़हन से निकालकर
यारो मुहब्त के फूल खिलाओ तो सही

गुज़र गई ज़िदगी उदासिओं में ऐ दोस्त
चलो मिल के उमगों के गीत गाओ तो सही

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