Shaayar Kuldip

करता हूँ मैं पूज

Posted By on November 30, 2017 in Tere Liye | 0 comments

करता हूँ मैं पूज
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करता हूँ मैं पूज

करता हूँ मैं पूजा हर रोज की तरह
क्या हुआ मेरे मन्दिर का भगवान कोई और है

औरों के दिल में रहते होंगे राम या कृश्ण
इस दिल का लेकिन मेहमान कोई और है

दोनों का मकसद एक है पैगामे मुहब्बत
आस्था का मेरी मगर मुकाम कोई और है

उमीद है एक दिन मंज़िल नसीब होगी
सच में मेरी सोच का अंजाम कोई और है

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