Shaayar Kuldip

इन्तज़ार बस तेरा है

Posted By on November 30, 2017 in Romantic | 0 comments

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इन्तज़ार बस तेरा है

आज भी इन्तज़ार बस तेरा है।
अब भी कोई बीमार बस तेरा है

तुझसे ही नूर है फिजाओं में
तू नहीं तो हर तरफ अंधेरा है

चाँदनी में नहाई रात है तू
तू ही मेरी षाम तू सवेरा है

आज है मेरी ज़िद बच्चे जैसी
कि तू सारे का सारा मेरा है

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