Shaayar Kuldip

आग़ोश

Posted By on December 3, 2017 in Love, Romantic | 0 comments

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आग़ोश

 

तेरी आगोष में
जीवन बसर कर लेता
काष मैं बच्चा होता
तुझे पाने की जिद्द कर लेता

गुलजा़रे उल्फ़त में
फूल सदा रहते नहीं
अगर मालूम होता
एक मुट्ठी में भर लेता

तूफां तो आए मगर
कष्तियाँ चलती ही रहीं
पार कर लेता झनां 1
मैं भी अगर तर लेता

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